ग्रामीण विकास विभाग, हरियाणा

हमारे बारे में

ग्रामीण विकास विभाग राज्य में ग्रामीण लोगों के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन करके सामाजिक आर्थिक विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। विशेष केंद्र प्रायोजित ग्रामीण विकास योजनाओं को लागू करना विभाग की जिम्मेदारी है । प्रभावी ढंग से जनादेश का पालन करने के लिए विभाग विभिन्न योजनाओं के तहत धन जारी करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, योजना आयोग, राज्य वित्त और योजना विभागों में भारत सरकार के साथ नियमित समन्वय रखता है जिला स्तर पर ब्लॉक एजेंसियों और अन्य लाइन विभागों की सहायता से जिला ग्रामीण विकास एजेंसियों द्वारा योजनाओं का समन्वय और क्रियान्वयन किया जाता है। पंचायती राज संस्थानों को क्षेत्रीय स्तर पर योजनाओं के निष्पादन व निगरानी में पूरी तरह से शामिल किया गया है। डीआरडीए की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा की जाती हैं। तकनीकी सहायता और पर्यवेक्षण पंचायती राज विभाग के इंजीनियरिंग विंग द्वारा प्रदान की जा रही है।

विभाग समय-समय पर मासिक अर्धवार्षिक व वार्षिक रिपोर्टों के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की निगरानी करता है । इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्तों और डीआरडीए के प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाती हैं।

ब्लॉक स्तर पर बीडीपीओ और अन्य कर्मचारी भी योजनाओं को लागू करने में मदद करते हैं। पंचायती राज संस्थान-ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद और ग्राम सभा द्वारा मजदूरी रोजगार कार्यक्रम मनरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन(एन.आर.एल.एम.), प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण और आईडब्ल्यूएमपी क्षेत्र विकास कार्यक्रम की योजनाएं तैयार करने और इनके कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है।

उपलब्धियां

गतिविधि नोट (2014-15) (2015-16) (2016-17) (2017-18) (2018-19)

एक नजर पर उपलब्धियां (2014-15) (2015-16) (2016-17) (2017-18) (2018-19)